हेल्लो दोस्तों स्वागत है आप सबका मेरे इस नए
पोस्ट में
मेरा नाम अख्तर आलम है मेरे इस नए पोस्ट में
आज जानेंगे की हार्ड
डिस्क क्या है
हार्ड डिस्क को अक्सर Disk drive या “Hard Disk Drive (HDD)” भी कहा जाता है. जिस तरह लाइब्रेरी में किताबो को संभालने के लिए अलमारी की
आवश्यकता होती है, वही computer को भी ऐसी ही जगह की जरूरत होती है, जिसमे वह Digital
data को store
कर पाये.
डिजिटल सामग्री (Document,
Image, Videos, Software, Operating system,
program) को स्टोर और प्रोसेस करने के लिए computer
दो तरह की storage device का उपयोग करते है. जिसमे Hard
Disk एक द्वितीयक मेमोरी डिवाइस (secondary
memory device) है. यह डाटा
को स्थायी (permanent) तौर पर
संग्रहित करके रखती है.
जबकि प्राथमिक मेमोरी डिवाइस (RAM) कंप्यूटर के प्रोग्राम को प्रोसेस करने का
काम करती है. इसे अस्थायी मेमोरी भी कहा जाता है. Hard Disk को कंप्यूटर के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में
देखा जाता है क्योंकि इसके बिना कोई भी computer काम नही करेगा. इस पोस्ट में हम आपको बतायेंगे कंप्यूटर में हार्ड डिस्क क्या होता है? जिसमे आपको Hard Disk के बारे में बहुत कुछ जानने को मिलेगा. तो
चलिए सबसे पहले जानते है, हार्ड डिस्क
किसे कहते है फिर इसके बाकि पहलुवों पर बात करेंगे.
हार्ड डिस्क
क्या है (What is Hard Disk)
Hard Disk जिसे Hard
Disk Drive (HDD) भी कहा जाता है, एक नॉन-वोलेटाइल मेमोरी हार्डवेयर डिवाइस है. हार्ड डिस्क का काम computer
data को
स्थायी रूप से संग्रहित (permanently store) और पुनर्प्राप्त (retrieve) करना होता है. non-volatile
device उन्हें
कहा जाता है, जो
कंप्यूटर में किसी भी प्रकार के डाटा को लंबे समय तक स्टोर करके रख सकती है.
अर्थात
कंप्यूटर पावर ऑफ हो जाने के बाद भी डाटा सुरक्षित रखता है. Hard
Disk को सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस भी कहा जाता है. यह एक
कंप्यूटर केस के अंदर मौजूद रहती है और data cables (PATA, SCSI,
SATA) का
उपयोग करके computer
motherboard से जुड़ी होती है.
डिजिटल
जानकारी को संग्रहित और पूर्णप्राप्त करने के लिए Hard Disk चुम्बकीय भंडारण (magnetic
storage) का उपयोग करती है. इसीलिये इसे Electro-mechanical
data storage device भी कहा जाता है. हार्ड डिस्क में डाटा को स्टोर करने के लिए एक या
एक से अधिक गोल घूमने वाली disk (platter) लगी होती है.
प्रत्येक
प्लेटर में एक बहुत पतली पट्टी होती है, जो चुम्बकीय सामग्री (magnetic
material) के
इस्तेमाल से बनाई जाती है. इन platters में कई सारे track
और sector
मौजूद
रहते है और यह spindle के माध्यम से घूमते है. जब प्लेटर घूमना शुरू करता है, तो Hard
Disk में
लगा एक Read/Write arm इसके उप्पर दाएं से बाएं खिसकता है.
इसका
काम platter से डाटा पढ़ना और डाटा लिखना होता है. जितनी गति (speed)
से
स्पिंडल, प्लेटर
को घुमाएगा Hard Disk में डाटा उतनी ही तेजी से स्टोर होगा. इसकी गति को RPM
(Revolution Per Minute) में मापा जाता है. इसका
अर्थ है, प्लेटर
ने एक मिनट में कितने चक्कर लगाए. अधिकतर Hard Disk 5400 RPM से 7200
RPM की
होती है.
Hard Disk के प्रयोग
में आने से पहले कंप्यूटर में जानकरी को संग्रहित करने के लिए floppy disk का उपयोग किया जाता था. परन्तु यह सिर्फ 3.14MB तक ही data स्टोर कर
सकती थी. बल्कि इसके उलट Hard Disk कई terabytes data को स्टोर करने की capacity रखती है. प्रथम हार्ड डिस्क का अविष्कार 1956 में IBM द्वारा
किया गया था और RAMAC (Random Access Method of Accounting and
Control) पहली हार्ड डिस्क थी.
Hard Disk
कितने प्रकार (Types) की होती है
वर्तमान
में Hard Disk चार प्रकार (four types) की होती है-:
1. PATA (Parallel Advanced Technology Attachment) –
ये
सबसे पुराने प्रकार की हार्ड डिस्क है. इसका उपयोग पहली बार 1986 में किया गया था. PATA
Hard Disk कंप्यूटर
से जुड़ने के लिए ATA interface standard का उपयोग करती है. इसे पहले Integrated
Drive Electronics (IDE) के रूप में संदर्भित किया जाता था. यह एक मध्यम गति की
हार्ड डिस्क है, इसका
data transfer rate 133MB/s तक हैै. ये ड्राइव magnetism
के
इस्तेमाल से data store करती है.
2. SATA (Serial Advanced Technology Attachment) –
आज
के अधिकतर कंप्यूटर और लैपटॉप में आपको इस प्रकार की Hard
Disk मिलेगी.
एक PATA drive के मुकाबले SATA Hard Disk का data
transfer rate अधिक होता है. इसकी गति 150MB/s से 600MB/s
तक
हो सकती है. SATA cables काफी पतली और लचीली होती है, जो PATA
cables के
मुकाबले काफी बेहतर है. ये कई मायनों में पुरानी हार्ड डिस्क ड्राइव से बेहतर है.
3. SCSI (Small Computer System Interface) –
इस
प्रकार के हार्ड डिस्क कंप्यूटर से जुड़ने के लिए छोटे कंप्यूटर सिस्टम इंटरफेस का
इस्तेमाल करते है. ये IDE hard drive के काफी समानांतर है. SCSI Hard Disk के नये संस्करण (16-bit
ultra – 640) की data
transfer speed 640 MBps तक है और यह 12 meter की लंबाई वाली cable
के
साथ 16 device से कनेक्ट कर सकता है.
4. SSD (Solid State Drives) –
ये
आज की सबसे लेटेस्ट ड्राइव में आती है. बाकी सभी Hard Disk डिवाइस के मुकाबले
काफी
बेहतर और तेज है. SSD डाटा स्टोर करने के लिए flash memory technology का उपयोग करती है. इसकी
डाटा एक्सेस स्पीड काफी तेज होती है. इसकी कीमत एक HDD drive के मुकाबले काफी अधिक है.
हार्ड डिस्क
के पार्ट्स
Hard Disk के कुछ प्रमुख
घटक (components) और उनके
कार्यो के बारे में नीचे निम्नानुसार दर्शाया गया है.
1.
MAGNETIC
PLATTERS इसका एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसमे digital information को चुम्बकीय रूप से स्टोर किया जाता है. इसमे
डाटा बाइनरी फॉर्म (0 से 1) में सेव रहता है.
2.
READ/WRITE
HEAD एक छोटा सा चुम्बक होता है, जो रिड राइट आर्म के आगे लगा होता है. यह प्लेटर के उप्पर दाएं से बाएं खिसकता
है और सूचनाओं को रिकॉर्ड तथा स्टोर करने का काम करता है.
3.
ACTUATOR की मदद से Read-write arm घूमता है.
4.
READ-WRITE
ARM, रीड राइट हेड का पिछला हिस्सा है, यह दोनों आपस मे जुड़े हुवे होते है.
5.
SPINDLE एक प्रकार की moter है, यह प्लेटर के बीच में मौजूद रहता है. इसकी
मदद से ही platters घूमते है.
6.
CIRCUIT
BOARD प्लेटर से डाटा के प्रभाव को नियंत्रित करता
है.
7.
CONNECTOR सर्किट बोर्ड से रीड-राइट और प्लेटर तक डाटा पहुँचाता है.
8.
LOGIC
BOARD एक प्रकार की chip
होती है, जो HDD से input या output
की सभी
जानकारी को नियंत्रित करती है.
9.
HSA रीड राइट आर्म का parking area होता है.
हार्ड डिस्क
के कार्य – Function of Hard Disk in Hindi
एक Hard Disk का मुख्य कार्य
कंप्यूटर डाटा को हमेशा के लिए संग्रहित (स्टोर) करना है. इसलिए इसे Permanent Storage भी कहा जाता है. यह डाटा कई प्रकार
का हो सकता है, जैसे आपकी personal
files, documents, software, operating
system etc. इन हार्ड डिस्क में कितना डाटा स्टोर हो
सकता है, ये Hard Disk की storage
capacity पर निर्भर करता है. आज आपको ऐसी हार्ड डिस्क मिल जाएगी जिनकी डाटा स्टोर करने की क्षमता gigabytes
से लेकर terabytes तक है.
SSD क्या है? (SSD in
Hindi)
SSD का फुल फॉर्म Solid State Drive है. इसे आप HDD (Hard Disk Drive) का रिप्लेसमेंट भी कह सकते है. इसमे डाटा को स्टोर
करने के लिए flash memory का उपयोग होता है. SSD एक electromechanical drive की अपेक्षा में
अधिक मजबूत होती है. इसलिए इसे solid-state
device भी कहा जाता है. इस प्रकार की
ड्राइव का एक्सेस टाइम बहुत अधिक होता है. ये बाकी हार्ड
डिस्क की तरह आवाज नही करती है और बिना रुकावट के चलती है. हार्ड डिस्क ड्राइव के मुकाबले यह आकार में काफी कम होती है, जिससे यह सीपीयू के अंदर कम जगह घेरती है. एसएसडी के दो प्रमुख घटक है, जो इसे बनाते है. जिसमे flash controller और NAND
flash memory chips शामिल है. आज के ज्यादातर कंप्यूटर और लैपटॉप में SSD का प्रयोग होता है. यह HDD के मुकाबले एक बेहतर स्टोरेज डिवाइस है.
एचएचडी व
एसएसडी में प्रमुख अंतर (SSD vs HDD)
HDD की बात सबसे पहले करते है.
यह चुम्बकिय तत्व से बनी होती है और इसके अंदर मकैनिकल पार्ट्स होते है. इसकी storage
capacity बहुत
अधिक होती है, जिसके
चलते आप अपने computer में 1TB या उससे अधिक डाटा स्टोर कर
सकते है. अगर आप एक HDD खरीदते है, तो
वह आपको काफी सस्ते दामों में मिल जाएगी. एचएचडी की डाटा एक्सेस स्पीड काफी सुस्त
होती है. यानी आपके प्रोग्राम और कंप्यूटर को चालू होने में काफी समय लगता है.
SSD इसके मुकाबले काफी तेज है
और यही इसकी एक बड़ी उपलब्धि भी है. यह डाटा को स्टोर करने के लिए Integrated
circuit (IC,Chips) का उपयोग करती है. आकार में HDD के मुकाबले काफी छोटी होती
है. यह अलग – अलग
स्टोरेज क्षमता के साथ आती है. परन्तु इसकी कीमत बहुत अधिक है जिसे आम व्यक्ति के
लिए बर्दाश्त करना मुश्किल है. लेकिन अगर आप कम स्टोरेज वाली SSD खरीदते है, तो आपका कंप्यूटर बहुत
फास्ट हो जाता है.
waha waha kiya baat m
ReplyDeletekaate maja hii aa gaya
Thanks
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